बिगन सोय: बाधक नहीं बन सकी गरीबी, बुलंद हौसलों से भरी उड़ान (देखें वीडियो)

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Manish Jha

हॉकी खिलाड़ी बिगन सोय आज किसी परिचय की मुहताज नहीं. छठी क्लास से ही हॉकी तरफ रूझान बढ़ा और फिर किसी गरीबी और कमी उनकी राह में बाधक नहीं बन सकी. जब हॉकी के मैच में खस्सी  प्रतियोगिता टूर्नामेंट होती थी तब स्कुल की तरफ से बहुत ही उत्सुकता से भाग लेती थी. इनकी मुलाकात रांची में फ़ुल्केरिया नाग से  2006  में  हुई जिन्होंने इनका दाखिला साई हॉकी सेंटर में करवाया. इन्होंने पहला मैच पश्चिम सिंहभूम और रांची के बीच खेला जिसमें इनकी टीम विजयी रही  और उसके बाद इनका सेलेक्शन मलेशिया से खेलने के लिए भारतीय जूनियर टीम में हुआ. जानें इनसी जुडी कुछ खास बातें



1 आपकी शिक्षा कहां से हुई  ?

मेरी शिक्षा पश्चिम सिंहभूम के कटना गांव के कन्या आश्रम लुम्बई विद्यालय बंदगांव से हुई.

2 आपका हॉकी की तरफ झुकाव कैसे हुआ, आपने कब से प्रैक्टिक्स शुरू कर दी. सुविधा नहीं रहने के बावजूद आपने कैसे किया ?

जब स्कूल में छठी क्लास में थी, तब से हॉकी के प्रति अधिक लगाव हुआ और इसका कारण बना खस्सी टूर्नामेंट. इस टूर्नामेंट को जीतने के प्रति एक ललक थी जिसने मुझे बिना सुविधा मेहनत करना सिखाया और वह भी पेड़ के एक डंडे से.

3 घर में आपके कौन कौन हैं ?

मां और दो भाई हैं. पिता जी का कुछ वर्ष पहले देहांत हुआ. एक भाई कांस्टेबल हैं, जो रांची में रहते हैं.

आपने जिला स्तरीय मैच कब खेला  ?

मैंने जिला स्तरीय मैच पहला 2006 में पश्चिम सिंहभूम और रांची के बीच खेला, जिसमें टीम विजयी रही.

5 आपका राज्य स्तरीय टीम में सेलेक्शन कब हुआ ?

मेरा राज्य स्तरीय टीम में 2006 में सेलेक्शन हुआ और मैंने साई ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त करना शुरू किया और रांची और पश्चिम सिंहभूम के बीच मेरा प्रदर्शन काफी अच्छा था.

6 राष्ट्रीय टीम में कैसे आना हुआ और कितने देशों के खिलाफ आपने मैच खेला ?

2011 में राष्ट्रीय टीम में आई और सीनियर हरियाणा टीम के विरुद्ध भी मैंने मैच खेला. उसमें जीत हुई हमारी टीम की और उसके बाद मैंने मलेशिया , इंग्लैंड , न्यूजीलैंड , ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ भारतीय जूनियर हॉकी टीम के साथ खेला.

हॉकी खेलने के लिये कितनी मेहनत और फिटनेस की आवश्यकता है ?

हॉकी खेलने के लिये अधिक मेहनत नहीं चाहिए लेकिन आपकी फिटनेस बहुत ही जरुरी है. सुबह और शाम आपको दो तीन घंटे की प्रैक्टिस की आवश्यकता है. साथ ही आपकी डाइट अच्छी रहनी चाहये और सुबह कम से कम 2 से 3 किलोमीटर दौड़ना जरुरी है. तब ही आपकी फिटनेस बनी रहेगी.

8 खिलाड़ी को अपने डाइट में किस प्रकार के भोजन शामिल करने चाहिये ?

हर खिलाड़ी को सुबह में चने और बादाम भिंगोया हुआ खाना चाहिये. ऑयली खाने से पूरी तरह से दूर रहें.

आप अपने खेल को और बेहतर करने के लिये कितना प्रैक्टिक्स करती हैं ?

सुबह और शाम दो से तीन घंटे जरूर अभ्यास करती हूं, जिससे मेरी फिटनेस और खेल की मुवमेंटम बनी रहे.

10 स्कूली बच्चे और ग्रामीण क्षेत्र कीे लड़कियों को आप विशेष रूप से क्या कहना चाहेंगी ?

बच्चे मेहनत से नहीं डरें. अपना अभ्यास जारी रखें और गरीबी को खेल में बाधक नहीं बनने दें. इसे पार करते हुये अपनी मंजिल तक पहुंचे एक ना एक दिन आप अपनी मंजिल जरूर हासिल करेंगे.

11 आपका अपनी टीम की किस खिलाड़ी को अपने करीब मानती हैं  ?

वैसे तो मैं सभी खिलाड़ियों को एक जैसा मानती हूं लेकिन फिर भी निक्की से मेरी अधिक बातचीत होती है.

12 आप अपने आप को कहां देखना चाहती हैं ?

मेरी प्रैक्टिस अभी चालू है. मेहनत कर रही हूं और भारतीय सीनियर टीम में जगह बनाना चाहती हूं.

13 आपकी झारखंड सरकार से क्या अपेक्षा है ?

मैं झारखंड सरकार से बहुत खुश हूं. उन्होंने मुझे एसआई के पद पर नौकरी दी है. मेरा आग्रह है कि जल्द से जल्द आवास मुहैया करा दें.