Skip to content Skip to navigation

Birthday Special: 95 साल के हुए 'ट्रेजेडी किंग' दिलीप कुमार

News Wing

Mumbai, 11 December:आज प्रख्यात अभिनेता दिलीप कुमार का 95 जन्‍मदिन है पिछले कुछ दिनों से वे अपनी नासाज़ तबीयत के कारण अस्‍पताल में थे. फिलहाल वे घर पर आराम फरमा रहे हैं. वहीं उनके इस जन्‍मदिन को खास बनाने के लिये उनकी पत्नी सायरा बानो ने उनकी पसंदीदा बिरयानी और वनीला आइसक्रीम बनाने का फैसला किया है. बानो ने कहा कि वह इस बार जन्मदिन का जश्न मनाने की योजना नहीं बना रहीं क्योंकि कुमार अब भी निमोनिया के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं. 

बंटवारे के बाद मुंबई आ गए थे दिलीप कुमार के पिता

दिलीप कुमार का जन्म पेशावर में हुआ था. उनके पिता देश के बंटवारे के बाद मुंबई आ गए थे. दिलीप कुमार ने एक्टिंग की कोई ट्रेनिंग कभी नहीं ली, वे एक स्वाभाविक अभिनेता रहे हैं. उनकी लाइफ की कहानी भी कम फ़िल्मी नहीं है. पिछले साल ही एक लंबे इंतज़ार के बाद दिलीप कुमार की आत्मकथा 'दिलीप कुमार: सब्स्टंस ऐंड द शैडो' आई. सायरा बानो के मुताबिक दिलीप कुमार मतलब वह आदमी जिसने करीब-करीब अकेले दम पर हिंदी सिनेमा का मतलब और उसका स्वरुप भी बदल डाला! उनकी यादों के पन्ने बेहद ही हसीन हैं और जो हसीं और ख़ास नहीं है, वह दिलीप कुमार के काम का नहीं.

यह भी पढ़ें: गीता को नहीं मिले उसके माता-पिता, डीएनए टेस्ट का लिया जाएगा सहारा

हास्य भूमिकाओं में भी दिलीप कुमार किसी से कम नहीं

आजादी के बाद के पहले दो दशकों में ही 'मेला', 'शहीद', 'अंदाज़', 'आन', 'देवदास', 'नया दौर', 'मधुमती', 'यहूदी', 'पैगाम', 'मुगल-ए-आजम', 'गंगा-जमना', 'लीडर' और 'राम और श्याम' जैसी फ़िल्मों के नायक दिलीप कुमार लाखों युवा दर्शकों के दिलों की धड़कन बन गए थे. एक नाकाम प्रेमी  के रूप में उन्होंने विशेष ख्याति पाई, लेकिन यह भी सिद्ध किया कि हास्य भूमिकाओं में भी वे किसी से कम नहीं हैं. वो 'ट्रेजेडी किंग' कहलाए लेकिन, वो एक हरफनमौला अभिनेता थे.

दिलीप कुमार, राजकपूर और देव आनंद की दोस्ती 'दिलीप-राज-देव' से प्रसिद्ध हुई

दिलीप कुमार ने अपने फिल्मी करियर में मात्र 54 फिल्में की हैं लेकिन, उन्होंने हिंदी सिनेमा में अभिनय की कला को नई परिभाषा दी है. 25 वर्ष की उम्र में दिलीप कुमार देश के नंबर वन अभिनेता के रूप में स्थापित हो गए थे. शीघ्र ही राजकपूर और देव आनंद के आने के बाद 'दिलीप-राज-देव' की प्रसिद्ध त्रिमूर्ति का निर्माण हुआ. कमाल की बात यह भी कि ये तीनों ही देश के विभाजन के बाद पकिस्तान से इंडिया आये थे!

'बॉम्बे टॉकिज' की देन हैं दिलीप कुमार

दिलीप कुमार फिल्म निर्माण संस्था 'बॉम्बे टॉकिज' की देन हैं, जहां देविका रानी ने उन्हें काम और नाम दिया. यहीं वे यूसुफ़ सरवर ख़ान से दिलीप कुमार बने. 44 साल की उम्र में अभिनेत्री सायरा बानो से विवाह करने तक दिलीप कुमार वे सब फ़िल्में कर चुके थे, जिनके लिए आज उन्हें याद किया जाता है.

सायरा ने दिलीप साहब से कहा: क्या आप मुझसे शादी करेंगे?

दिलीप कुमार और सायरा बानो की शादी की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है! तब, सायरा का दिल जुबिली कुमार यानी राजेन्द्र कुमार पर फिदा था, वे तीन बच्चों वाले शादीशुदा व्यक्ति थे. सायरा की मां नसीम को जब यह भनक लगी, तो उन्हें अपनी बेटी की नादानी पर बेहद गुस्सा आया. नसीम ने अपने पड़ोसी दिलीप कुमार की मदद ली और उनसे कहा कि सायरा को वे समझाएं कि वो राजेंद्र कुमार से अपना मोह भंग करे. दिलीप कुमार ने बड़े ही बेमन से यह काम किया क्योंकि वे सायरा के बारे में ज्यादा जानते भी नहीं थे. जब दिलीप साहब ने सायरा को समझाया कि राजेन्द्र के साथ शादी का मतलब है पूरी ज़िन्दगी सौतन बनकर रहना और तकलीफें सहना. तब पलटकर सायरा ने दिलीप साहब से सवाल किया कि क्या वे उससे शादी करेंगे?

25 साल की उम्र में सायरा ने 44 साल के दिलीप कुमार से की शादी 

दिलीप कुमार के पास तब इस सवाल का जवाब नहीं था. लेकिन, समय को कुछ और ही मंजूर था. 11 अक्टूबर 1966 को 25 साल की उम्र में सायरा ने 44 साल के दिलीप कुमार से शादी कर ली. कहते हैं कि दूल्हा बने दिलीप कुमार की घोड़ी की लगाम पृथ्वीराज कपूर ने थामी थी और दाएं-बाएं राज कपूर तथा देव आनंद नाच रहे थे. 

1995 में मिला 'दादा साहब फालके अवॉर्ड' 

दिलीप कुमार को बेहतरीन अभिनय के लिए भारत सरकार ने उन्हें 1991 में पद्‍मभूषण की उपाधि से नवाजा और 1995 में फिल्म का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान 'दादा साहब फालके अवॉर्ड' भी प्रदान किया. पाकिस्तान सरकार ने भी उन्हें 1997 में 'निशान-ए-इम्तियाज' से नवाजा था, जो पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. दिलीप कुमार साहब 1980 में मुंबई के शेरिफ नियुक्त किए गए थे.

8 बार फिल्म फेयर से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिल चुका है दिलीप कुमार को

1953 में जब फ़िल्म फेयर पुरस्कारों की शुरुआत हुई, तब दिलीप कुमार को ही फ़िल्म 'दाग' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार‍ दिया गया था. अपने जीवनकाल में दिलीप कुमार कुल 8 बार फिल्म फेयर से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार पा चुके हैं और यह एक ऐसा कीर्तिमान है. जिसे अभी तक तोड़ा नहीं जा सका है. हां, शाह रुख़ ख़ान ने  8 फ़िल्मफेयर अवार्ड जीतकर उनकी बराबरी ज़रूर कर ली है! शाह रुख़ को दिलीप साहब अपना बेटा मानते हैं.

2000 से 2006 तक राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके है दिलीप कुमार

बता दें कि साल 2000 से 2006 तक दिलीप कुमार राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं.दिलीप कुमार के साथ तीन बेहतरीन ब्लॉकबस्टर फ़िल्में देने वाले फ़िल्ममेकर सुभाष घई ने दिलीप कुमार साहब को बर्थडे पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि- ''दिलीप कुमार मेरे आदर्श, मेरे हीरो रहे हैं. विधाता, कर्मा और सौदागर तीनों ही फ़िल्मों में दिलीप कुमार को डायरेक्ट करने के दौरान मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है, वो अपने आप में एक संस्थान हैं."

दिलीप कुमार की आवाज और धड़कन बनी हुई हैं सायरा

दिलीप कुमार अब खामोश हैं. पत्नी सायरा उनका दिलो-जान से ध्यान रख रही हैं! दिलीप कुमार और सायरा बानो की ज़िन्दगी एक मिसाल है. मायानगरी में जहां रोज़ संबंध बनते और बिगड़ते हैं वहां अपनी शादी के 50 साल पूरी कर चुका यह दम्पति वाकई में नायाब है. उम्र के इस पड़ाव पर अल्जाइमर और अन्य बीमारियों से लड़ रहे दिलीप साहब की तीमारदारी में लगी हैं और वहीं उनकी आवाज भी बनी हुई हैं और धड़कन भी.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Top Story
Share

Add new comment

loading...