हाई कोर्ट ने बिहार सरकार से कहा, पुराने प्रावधानों के तहत दी जाए खनन की अनुमति

News Wing

Patna, 12 December:
पटना उच्च न्यायालय ने सोमवार को बिहार सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि पुराने प्रावधानों के मुताबिक बालू खनन की अनुमति दी जाए. अदालत ने कहा कि बाधा पहुंचाने के लिए होने वाली किसी भी कार्रवाई को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारी इसके लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे. पटना हाइकोर्ट ने सुनवाई में यह भी साफ स्पष्ट किया कि खनन संबंधी सभी आदेश और कार्य असंशोधित कानून के अनुसार ही फिलहाल जारी रहेगा. पुष्पा सिंह और अन्य द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुये मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने आदेश जारी किया. वहीं 18 दिसंबर को इस मामले पर दोबारा सुनवाई होगी जिसमें के के पाठक को इस मुद्दे पर सफाई देनी होगी.

ज्ञात हो कि हाइकोर्ट ने बालू खनन से संबंधित नये कानून पर 27 नवंबर 2017 तक रोक लगा दिया था, उसके बाद भी प्रधान सचिव केके पाठक ने हाइकोर्ट के आदेश के बावजूद कानून का उल्लंघन कर आदेश पारित करते रहे. हाइकोर्ट ने केके पाठक को फटकार लगाते हुए कहा कि इस तरह अधिकारी ने कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया और यह कैसे कर सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि केके पाठक द्वारा 27 नवंबर 2017 के बाद पारित सभी आदेशों पर अगले आदेश तक रोक लगा दिया है.

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