केस दर्ज करने से बचती है रांची के कई थानों की पुलिस, पैरवी के बाद दर्ज होता है मामला

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Ranchi, 11 December : एक युवक का पर्स गिर जाता है वह सुखदेवनगर थाने में सनहा दर्ज कराने पहुंचता है. पुलिस उसे भगा देती है, वह तीन घंटे तक बार-बार सनहा दर्ज करने का आग्रह करता है, पर थाने के पुलिसकर्मी और मुंशी किसी न किसी बहाने उसे टरकाते रहते हैं. अंतत: युवक अपने एक दोस्त से समस्‍या बताता है. वह दोस्त रांची विधायक व नगर विकास मंत्री सीपी सिंह को मामले की सूचना देता है. मंत्री खुद थाने पहुंच जाते हैं. उनके आने की खबर सुनते ही भागे-भागे कोतवाली डीएसपी भी सुखदेवनगर थाना पहुंचते हैं. तब कहीं जाकर पीड़ित युवक कता सनहा थाने में दर्ज किया जाता है. यह तो महज एक छोटा सा उदाहरण भर है पुलिस के निष्क्रियता और असहयोगी होने का. यहां ध्‍यान देने की बात है कि युवक की थोड़ी पहुंच थी इसलिये उसका सनहा दर्ज हो गया. अन्‍यथा कई लोगों को पुलिस दुत्‍कार कर भगा देती है. ऐसे में पुलिस पर आम जनता सुरक्षा के लिये भरोसा कैसे करेगी. यह एक विदित तथ्‍य है कि पुलिस की सक्रियता कमाई वाले मामलों में देखते बनती है. वहीं आम लोगों से जुड़े मेहनत करने वाले मामलों में पुलिस केस दर्ज करने से भी कतराती है. कई लोगों का कहना है कि सिम खोने जैसे मामलों में सुरक्षा और उसी नंबर के सिम को दुबारा लेने के लिये एक सूचना पुलिस को देना आवश्‍यक होता है. पूरे कागजात और आवेदन के बाद इन छोटे कामों में भी पुलिस अक्‍सर आनाकानी करती है.

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एटीएम से पैसे निकासी मामले में भी एसपी के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई थी शिकायत

हरिहर सिंह रोड के एक व्यक्ति के एटीएम से किसी ने पैसा निकाल लिया. इस मामले को लेकर पीड़ित व्यक्ति बरियातु थाना पहुंचा. बरियातु थाना से यह कहकर वापस भेज दिया गया कि यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है. कोतवाली थाना पहुंचने पर उसे बताया गया कि यह मामला बरियातु में ही दर्ज होगा. अंततः सीटी एसपी से पीड़ित ने संपर्क किया तब एसपी के हस्तक्षेप पर बरियातु थाना में मामला दर्ज किया गया.

डीएसपी के कहने के बाद दर्ज किया मामला

सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के एक और मामले में एक युवती छेड़छाड़ की शिकायत लेकर थाना पहुंची. पर थाना में आवेदन लेने से ही मना कर दिया. पीड़ित लड़की मामले को लेकर कोतवाली डीएसपी के पास गई, कोतवाली डीएसपी के कहने पर मामला दर्ज किया गया.

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एसएसपी के आदेश के बाद बरियातु थाना में गाड़ी चोरी की शिकायत हुई दर्ज

गाड़ी गायब होने को लेकर हरिहर सिंह रोड निवासी जगत्राथपुर थाना में शिकायत करने पहुंचे. चुंकि आरोपी इसी थाना क्षेत्र के रहने वाले थे, लेकिन थाना में बरियातु का मामला बताकर शिकायत दर्ज नहीं किया गया. वहीं बरियातु थाना ने भी मामला दर्ज करने से इंकार कर दिया. अंत में वरीय पुलिस अधीक्षक के कहने पर बरियातु थाना में मामला दर्ज किया गया.  

मामला दर्ज करने से क्यों बचती है पुलिस

विशेषज्ञ की मानें तो पुलिस किसी मामले को दर्ज करने से बचती है. अगर किसी थाना का क्राईम रिकार्ड ज्यादा हो जाता है तो वरीय अधिकारी से डांट सुनने का डर बना रहता है. इस कारण क्राइम का ग्राफ कम दिखाने के लिए मामला दर्ज करने से पुलिसकर्मी परहेज करते हैं. ऐसी स्थिती में लोगों को डाक के माध्यम से पुलिस थाना, पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस अधीक्षक को शिकायत करनी चाहिए.

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