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रांची : आम से खास तक के लिए सरकार ला रही है 45 हजार की साइकिल, भाड़ा होगा 5 रुपया प्रति घंटा

Kumar Gaurav/News Wing

Ranchi, 13 December : रांची समेत राज्य के चार-पांच जिलों से लोगों को सरकार एक जबरदस्त तोहफा देने की तैयारी कर चुकी है. शेयरिंग साइकिल प्लान के तहत अपने सेहत को लेकर चिंतित रहने वाले लोगों को अब सरकार मंहगे और विदेशी साइकिल की सैर करवाएगी. ये साइकिल शहर के विभिन्न स्थानों पर बनने वाले साइकिल स्टैंडों पर मिल जाएगी. साइकिल इतनी मंहगी और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा कि इसकी सवारी का मन आम और खास दोनों को रहेगा और साइकिल में जीपीएस सिस्टम भी लगा रहेगा. ताकि साइकिल सवारों किस दिशा में जा रहे हैं वह पता लग सके. साइकिल भाड़े पर भी उपलब्ध होगी, जिसका पहले आधे घंटे तक कोई चार्ज नहीं होगा, एक घंटे के लिए पांच रुपये देने होंगे. उससे अधिक समय के लिए पंद्रह रुपये प्रति घंटे देने होंगे.

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जर्मनी में बनी मॉडर्न टेक्नोलॉजी से लैस एक साइकिल की कीमत करीब 45 हजार

राज्य में चलने वाली इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए जिस साइकिल का चयन किया गया है. वो बेहद ही मॉडर्न टेक्नोलॉजी से लैस है. इसे जर्मनी से मंगाया जा रहा है. इस साइकिल की कीमत लगभग 45 हजार रुपये होगी. इतने मंहगे जर्मन साइकिल का सैर रोमांचकारी होगा. पहले चरण में 200 साइकिलों को मंगाया जा रहा है.

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120 स्टेशन 1200 साइकिलें

रांची में प्रोजेक्ट 11.50 वर्ग किमी में बनेगा. इनमें 120 साइकिल स्टेशन होगा और 1200 साइकिलें उपलब्ध होंगी. स्टेशन, धुर्वा से हरमू बाइपस रोड होते हुए रातूरोड चौक, बरियातू रोड, रिम्स, बूटीमोड़, दीपाटोली, कोकर चौक, लालपुर सर्कुलर रोड, कांटाटोली, बहूबाजार, स्टेशनरोड, सुजाता चौक, डोरंडा व हिनू आदि स्थान शामिल हैं.

सरकार की सलाहकार एजेंसी आईटीडीपी को मिला है जिम्मा

राज्य के विभिन्न जिलों में चलने वाले इस साइकिल को चलाने के अस्सेसमेंट का जिम्मा सरकार की सलाहकार कंपनी आईटीडीपी को दिया गया है. एक माह में फिजिबिलिटी रिपोर्ट आने के बाद साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट शुरु करने के लिए टेंडर होगा.

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अहमदाबाद की कंपनी चाटर्ड स्पीड का किया गया है चयन

शेयरिंग साइकिल प्लान राज्य के पांच शहरों रांची, धनबाद, चास, जमशेदपुर और देवघर में चालू होना है. राजधानी रांची के अलावा अन्य चार शहरों के लिए भले ही अभी टेंडर प्रक्रिया बाकी हो पर राजधानी में इसके लिए टेंडर फाइनल किया जा चुका है.रांची में इसके संचालन की जिम्मेवारी अहमदाबाद की कंपनी चार्टड स्पीड को दी गई है. दस दिनों के अंदर कंपनी को वर्क ऑर्डर दिया जाएगा.

300 मीटर पर एक साईकिल स्टैंड बनेगा

हर तीन सौ मीटर पर एक साइकिल स्टैंड बनाया जाएगा. स्टैंड साइकिल की मांग को देखते हुए तय किए जाएंगे. जहां सबसे ज्यादा डिमांड होगा वहां पर 24 साइकिलें रखी जाएंगी, मिडियम मांग वाले स्थानों पर 12 और कम मांग वाले स्थान पर 6 से 10 साइकिलें उपलब्ध होंगी.

स्वास्थय के प्रति करना है जागरुक

सरकार के इस योजना को लाने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. सबसे पहले लोगों को स्वास्थय के प्रति जागरुक करना. साइकिलिंग सेहत के लिए बेहद ही लाभकारी माना जाता है. साथ ही मोटरवाहनों से होने वाले प्रदूषण और जाम से थोड़ा राहत तो मिल सकता है. इस योजना से लोगों को साइकिलिंग के प्रति फिर से रुझान बढ सकता है.

एक हजार होगा मेंबरशिप चार्ज

हर दिन साइकिल चलाने के लिए कार्ड लेना होगा. दो सौ रुपये देने होंगे. अगर कोई व्यक्ति साल भर के लिए मेंबर बनना चाहेगा तो उसे 1000 रुपये मेंबरशिप चार्ज देना होगा. एक बार चार्ज देने पर वह सालभर साइकिल के सफर का मजा ले सकता है. उसके बाद उसे रिन्यू करवाना पडेगा.  

स्मार्ट रोड बनने तक मिक्सड ट्रैफिक में ही चलना होगा

जब तक शहर में स्मार्ट रोड नहीं बनता है, तब तक साइकिलें मिक्सड ट्रैफिक में ही चलानी पड़ेंगी. स्मार्ट रोड में इसके लिए फुटपाथ की चैड़ाई बढाने का प्रस्ताव है.ज्ञात हो की रांची में अलग से साइकिल ट्रैक बनाने की योजना बनाइ गई थी.

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