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शीतकालीन सत्र ऐसा जैसे शराब और चुंबन प्रतियोगिता के अलावा झारखंड में कोई मुद्दा ही ना हो

Akshay Kumar Jha

Ranchi, 12 December: दिसंबर महीने का बारहवां दिन करीब 11 बजे और ठंड बस एहसास भर. शरीर पर ऊनी कपड़े तो बस एहतियातन लोगों ने पहन रखे थे. ठंड मानो भूल गयी हो कि दिंसबर महीने में होने वाले विधानसभा सत्र को शीतकालीन सत्र कहा जाता है. ठीक उसी तरह झारखंड की राजनीतिक पार्टियां भी भूल गयी थी कि उसे विधानसभा सत्र में क्या करना है. सदन के अंदर से ज्यादा माहौल बाहर का गर्म था. कोई मुद्दा नहीं था. जिस पर विपक्ष सवाल करे या सत्तारूढ़ पार्टी सवालों को गलत बताए. कुल मिला कर दो ही मुद्दे थे. पहला विधानसभा परिसर में शराब की दुकान और दूसरा संथाल के लिट्टीपाड़ा में आयोजित चुंबन प्रतियोगिता.  

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किसने क्या कहाः

कुणाल षाडंगी (विधायक जेएमएम)- शराब मामले पर कहाः बीजेपी के प्रकांड विद्यवान प्रदेश प्रवक्ता कटाक्ष को भी नहीं समझते. उन्हें बस एक मुद्दा मिल जाना चाहिए और वो शुरू हो जाते हैं. मैंने विधानसभा परिसर में शराब की दुकान खोलने की बात कटाक्ष के तौर पर कही थी. क्योंकि जिस लोकतंत्र की मंदिर की बात बीजेपी कर रही है उसी लोकतंत्र में वो बैठ कर खुद शराब बेचने का फैसला की थी. चुंबन मामले में कुणाल षाडंगी बचते दिखे. उन्होंने कहाः चुबंन प्रतियोगिता किसी पार्टी का आयोजन नहीं था. जिन्होंने ऐसा आयोजन कराया सवाल उन्हीं से किया जाना चाहिए.

सरयू राय (खाद्य आपूर्ति मंत्री सह संसदीय कार्य मंत्री)- शराब मामले पर कहाः लोकतंत्र में कोई भी किसी तरह की डिमांड रख सकता है. उनकी बात को काटना उनके विवेक पर सवाल उठाने की तरह है. ये जरूर इनके मन की बात रही होगी. कोई भी विधायक विधानसभा में कोई बात रखना चाहता है तो वो प्रस्ताव लिख कर सदन में रखे. चुंबन प्रतियोगिता पर कहाः विपक्ष कई तरह की मांग कर सकता है. जैसा माहौल है, कहीं विधानसभा में ही चुंबन प्रतियोगिता की मांग ना होने लगे. चुंबन प्रतियोगाति से जेएमएम के लोग कितने सहमत हैं उन्हें आपस में चर्चा करनी चाहिए.

इरफान अंसारी (विधायक कांग्रेस)- चुंबन प्रतियोगिता यूं तो निंदनीय है. लेकिन इसमें विधायकों का इस्तेमाल किया गया है. इसमें शुद्ध रूप से बीजेपी की साजिश लगती है. वीडियो वाइरल करने का काम बीजेपी ने ही किया होगा. झारखंड में लोगों की मौत अनाज की वजह से हो रही है और यहां चुंबन प्रतियोगिता कराकर लोगों की मानसिकता विकास करने की बात हो रही है. बीजेपी मुद्दा से भटकाने के लिए ऐसी साजिशों को रचती है.

लुइस मरांडी (कल्याण मंत्री)- शराब मामले पर कहाः हमारे सीएम अच्छी तरह से शराब से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे जानते हैं. इसलिए सरकार धीरे-धीरे शराबबंदी की ओर जा रही है. सरकार कहां शराब की दुकान खोले और कहां ना खोले सरकार का मामला है. चुंबन प्रतियोगिता पर कहाः मैं भी संथाल से आती हूं और वहां की परंपरा से वाकिफ हूं. संथाल में ऐसे चुंबन प्रतियोगिता की कोई परंपरा नहीं है. जो भी हुआ है वो घोर निंदनीय है. जेएमएम आधुनिकता के नाम पर अश्लीलता परोसने का काम कर रही है.

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प्रदीप यादव (विधायक जेवीएम)- प्रदीप यादव ने ना ही शराब मामले पर कुछ कहा और ना ही उन्होंने चुंबन प्रतियोगिता पर कुछ कहा. उन्होंने अडाणी पावर प्लांट मामले पर कहाः आज झारखंड सरकार अडाणी को प्लांट लगाने के लिए जमीन सौंप रही है. लेकिन सच ये है कि सरकार ने गोड्डा में डर का माहौल बना कर जबरन वहां के लोगों से जमीन लेने का काम किया है. जिन्होंने भी जमीन नहीं देने की बात कही, उन्हें सरकार के लोगों ने जिला से बाहर कर दिया. लोगों के साथ जबरदस्ती की जा रही है. विरोध करने वालों के घर ढहा दिए जा रहे हैं. मैंने विरोध किया तो मुझे जेल भेज दिया गया. विधानसभा सत्र पर उन्होंने कहाः सरकार बहस से बचना चाहती है. विधानसभा सत्र कम-से-कम एक हफ्ते का होना चाहिए. तीन दिनों के सत्र में किसी मुद्दे पर बहस नहीं हो सकती.                

 

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