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बकोरिया कांडः डीजीपी डीके पांडेय, एडीजी प्रधान, अनुराग गुप्ता समेत घटनास्थल गए सभी वरीय अफसरों का बयान दर्ज करने का निर्देश

आइजी आरके धान ने दिया निर्देश

NEWS WING

Ranchi, 13 Dcember:
आठ जून 2015 को पलामू के सतबरवा थाना क्षेत्र के बकोरिया में हुए कथित मुठभेड़ में 12 लोगों के मारे जाने की घटना में एसटीएफ के आइजी आरके धान ने अपनी समीक्षा रिपोर्ट दे दी है. उन्होंंने निर्देश दिया है कि घटना के बाद घटनास्थल पर गए सभी वरीय पुलिस पदाधिकारियोंं, उनके चालकोंं और अंंगरक्षकों का बयान दर्ज करें. ताकि उन सबके बयानों का मिलान किया जा सके. उल्लेखनीय है कि घटना के बाद नौ जून 2015 को राज्य के डीजीपी डीके पांडेय, तत्कालीन एडीजी अभियान एसएन प्रधान, एडीजी स्पेशल ब्रांच अनुराग गुप्ता हेलीकॉप्टर से घटनास्थल पर गए थे. आइजी के निर्देश के बाद अब मामले के अनुसंधानक इन सभी वरिष्ठ अफसरों का बयान दर्ज करेंगे. सूत्रों के मुताबिक आइजी श्री धान ने अनुसंधानक को निर्देश दिया है कि वह घटना के बाद घटनास्थल पर पहुंचने वाले सभी वरीय पदाधिकारियों ने जो निर्देश कनीय अफसरोंं को दिए थे, उसे भी केस डायरी में दर्ज करें. इसके अलावा घटना में शामिल सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के अधिकारियोंं व जवानो का बयान दर्ज करें. 

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सतबरवा थाना के सभी पदाधिकारी व जवान का मोबाइल लोकेशन निकाले

आइजी ने अपने निर्देश में कहा है कि घटना के दिन सतबरवा थाना में जितने भी पुलिस पदाधिकारी और जवान तैनात थे, उन सभी का बयान दर्ज करें. साथ ही थाना में पदस्थापित सभी जवानों व कर्मचारियों के मोबाइल का लोकेशन और सीडीआर हासिल कर केस डायरी में दर्ज करें. उल्लेखनीय है कि मुठभेड़ की घटना की प्राथमिकी सतबरवा थाना के तत्कालीन प्रभारी मो रुस्तम के बयान पर दर्ज की गयी थी. जिसमें उन्होंने खुद को मुठभेड़ में शामिल बताया है. जबकि पलामू के तत्कालीन डीआइजी हेमंत टोप्पो ने जो बयान दिया है, उसके मुताबिक डीजीपी डीके पांडेय का फोन आने के बाद जब उन्होंने सतबरवा थाना प्रभारी से पूछा था तो उसने मुठभेड़ की घटना से इंकार किया था.

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तसवीर में दिख रहे स्पाइस फोन का पता लगाए

सूत्रोंं ने बताया कि आइजी ने अपने निर्देश में कहा है कि सीआइडी को मिले तसवीरों में से एक तसवीर में एक मृतक के बगल में स्पाइस कंपनी का फोन दिख रहा है. फोन सही सलामत है. इस फोन का पता लगाए. इसके कॉल रिकॉर्ड व सीडीआर की जांच करें. उल्लेखनीय है कि तसवीर में जो मोबाइल फोन दिख रहा है वह जब्ती सूची में दर्ज नहीं है. सूत्रों के मुताबिक मोबाइल फोन को पुलिस के लोगों ने ही गायब कर दिया था. एेसे में अब उस फोन की बरामदगी भी एक बड़ी चुनौती है.

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मुठभेड़ में शामिल आइजी नटराजन व एसपी पटेल का बयान दर्ज करें

सूत्रों ने बताया कि आइजी आरके धान ने अनुसंधानक को निर्देश दिया है कि मुठभेड़ में जो-जो अधिकारी व जवान शामिल थे, उन सभी का बयान दर्ज कर केस डायरी में दर्ज करें. उल्लेखनीय है कि घटना के बाद पुलिस ने जो प्राथममिकी दर्ज की थी, उसमें पलामू जोन के तत्कालीन आइजी ए नटराजन, पलामू के तत्कालीन एसपी कन्हैया मयूर पटेल समेत कई अधिकारियों व जवानोंं को मुठभेड़ में शामिल दिखाया गया था. जबकि घटना से जुड़े कई लोगों ने अपने बयान में मुठभेड़ को संदेहास्पद बताया है. 

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